ऐलान भारत सरकार की तरफ से, Jaanu Nagar
ऐलान...
भारत सरकार की तरफ़ से...
1...
शाम होने वाली थी सूरज अपनी लालिमा को अम्बर तले छुपा रहा था सड़क के किनारे सरकारी बसे अपने माथे पर जाने वाली जगाहों का बोर्ड लगाये खड़ी थी यात्री आ कर अपने गनतब्य स्थानो को देखर तसल्ली से सांस को थामते हुए सीट पर बैठ जाते आवाज लगाते अगले आने वाले यात्री को अवगत करा ही देते की बस यहां जा रही है।
भारत सरकार की तरफ़ से...
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शाम होने वाली थी सूरज अपनी लालिमा को अम्बर तले छुपा रहा था सड़क के किनारे सरकारी बसे अपने माथे पर जाने वाली जगाहों का बोर्ड लगाये खड़ी थी यात्री आ कर अपने गनतब्य स्थानो को देखर तसल्ली से सांस को थामते हुए सीट पर बैठ जाते आवाज लगाते अगले आने वाले यात्री को अवगत करा ही देते की बस यहां जा रही है।
सामने से एक टाटा सूमो आयी जिसमे लिखा था भारत सरकार उस गाड़ी के उपरी सिरे मे दो लाउडस्पीकर लगे थे उन्ही के अन्दर से आवाज़ आयी कि कालोनी वालो को सूचीत किया जाता है कि 27,28वां 30 को सरकारी मीटर लगवाने के लिए कैम्प लगाये जायेगे जिसमे आप सभी लोग अपने जगह की पर्ची पहचान पत्र को साथ मे लेकर आये और फर्म भर दे ताकि आप सभी लोग को बिजली के मीटर आपके घर पर लगाया जा सके। इस आवाज को लिए हुए ये भारत सरकार की गाड़ी मेन-मेन सड़को पर चक्कर लगा रही थी। लोगो का भी पूछना चलू था और क्या-क्या लाना है ।अन्दर बैठे साहब बोल देते जो हम कह रहे है उसको ध्यान से सुनो और तारिख को याद रखते हुए बी ब्लाँक के पास बस स्टैण्ड के नजदीक कैम्प लगेगा। मकान वाली पर्ची लाना मत भूलना जाओ अन्दर भी लोगो को सूचित कर देना वैसे तो हम खुद माइक से आवाज़ लगा रहे है ।तारीख जरूर याद रखना ।
2.....
कुछ की तो योही शुरूवात हो हि जाती है। जी ब्लाँक के सामने कडकड डूमा से एक बस्ती आयी जो अब कालोनी के नाम से पुकारी जा रही जैसा कि आप सभी लोगो ने एलान मे सुन ही लिया है कि कालोनी वालो आप सभी लोग अपने मकान की पर्ची को लेकर आ जाना बस्ती अब कालोनी मे तब्दील हो रही है ये उन्ही मकानो के दिवारो मे उभरती कहानी है। कहानी क्या है?
कहानी ये है कि अधिक्तर लोगो ने मकान की दिवारों मे इस तरह से नम्बर को गोदवांया है जो सायद पूछना की जुबां को चुप्पी देने के साथ पढने के लिए बाध्य कर देते है। स्पस्ट अक्षरों मे लिखा है जी.134 ये नम्बर बता देते है कि इस मकान का नम्बर ये है ये ब्लाँक है अपना पूरा परिचय दिवरे ही कह सुनाती है ।यही नमूना हर दिवारो मे मिलेगा। एक मे मुस्क्राते हुए पूछा कि इस तरह से नम्बर क्यो लिखा रखा है कोई खास बोर्ड क्यो नही बनवाया?युवती ने जवाब दिया बड़ी उदारता के साथ जो श्यमल रंग गुलाबी परिधानो से लिप्त था। उसने अपनी ओठो मे उगली को लगाते हुए कहा कि नम्बर इस तरह से लिखा गया कि बगल वाले का नम्बर जानने मे कोई दिक्कत ना हो और अपनी खुद की पहचान ठोस बना रहे ।
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कुछ की तो योही शुरूवात हो हि जाती है। जी ब्लाँक के सामने कडकड डूमा से एक बस्ती आयी जो अब कालोनी के नाम से पुकारी जा रही जैसा कि आप सभी लोगो ने एलान मे सुन ही लिया है कि कालोनी वालो आप सभी लोग अपने मकान की पर्ची को लेकर आ जाना बस्ती अब कालोनी मे तब्दील हो रही है ये उन्ही मकानो के दिवारो मे उभरती कहानी है। कहानी क्या है?
कहानी ये है कि अधिक्तर लोगो ने मकान की दिवारों मे इस तरह से नम्बर को गोदवांया है जो सायद पूछना की जुबां को चुप्पी देने के साथ पढने के लिए बाध्य कर देते है। स्पस्ट अक्षरों मे लिखा है जी.134 ये नम्बर बता देते है कि इस मकान का नम्बर ये है ये ब्लाँक है अपना पूरा परिचय दिवरे ही कह सुनाती है ।यही नमूना हर दिवारो मे मिलेगा। एक मे मुस्क्राते हुए पूछा कि इस तरह से नम्बर क्यो लिखा रखा है कोई खास बोर्ड क्यो नही बनवाया?युवती ने जवाब दिया बड़ी उदारता के साथ जो श्यमल रंग गुलाबी परिधानो से लिप्त था। उसने अपनी ओठो मे उगली को लगाते हुए कहा कि नम्बर इस तरह से लिखा गया कि बगल वाले का नम्बर जानने मे कोई दिक्कत ना हो और अपनी खुद की पहचान ठोस बना रहे ।
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